वक्त क्या है एक कल्पना है
ख़ुशी में उड़ जाता है
गम में ठहर जाता है
प्यार में समझो थम जाता है
नफ़रत में तिलमिलाता जाता है
लम्हा लम्हा भावनाओं के घेरे में है
कभी खिसकता है कभी लपक लेता है
वक़्त केवल एक एहसास है
उसका अपना कोई वजूद नहीं है
इंसान के साथ खेलता है
हम बस उसका जप करते रहते हैं
लेकिन वो केवल एक कल्पना है
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